कुदरत का ज्ञान
कुदरत हमरे सरजगत मैं नवग्रह है । उसमें किसी में भी जीवन नहीं है सिबा पृथ्वी के। ईश्वर के बनाए हुए इस पृथ्वी में जो कुदरत की बनावट है इसमें जो हम मनुष्य एक अंश है। मनुष्य का बनावट कुछ ऐसा हे। जो कि पृथ्वी में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है । वो इसीलिए मनुष्य में जो सचने समंझने का गुण दिया हे इससे सबसे अलग बनता हे। पर क्या फायदा इस गुण का ? जो कुदरत कू मिटाने में इस्तेमाल करे। जैसे पेड़ काटना,पलाथिन का इस्तेमाल करना। दिन ब दिन मनुष्य की संख्या बढ़ रहा है पर पेड़ की संख्या कम हो रहा है। जो कुदरत की बनावट का संतुलन बिगड़ा रहा है।अगर इस तरह चलता रहेगा त दूर नहीं ब दिन जो सब कुछ खत्म हो जाएगा ।